Friday, 10 May 2019

लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव में श्री नरेंद्र मोदी पुन: बनेंगे प्रधानमंत्री

चुनावों में विजय प्राप्त कर कौनसा दल केंद्र की सत्ता संभालेगा, इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणी के लिए वैसे तो बहुत से तथ्यों की प्रमाणिक जानकारी होनी चाहिए| लोकसभा चुनाव 2019 के बाद कौन व्यक्ति प्रधानमंत्री बनेगा, इस हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली पर विचार किया गया किन्तु केवल उनकी एक अकेले कुंडली के आधार पर ही देश की सत्ता कौन संभालेगा यह निर्णय मेरी दृष्टि में उचित नहीं है| इसके लिए बहुत सारे फैक्टर्स पर विचार आवश्यक है| अत: मैंने एक बार फिर इस हेतु भारतीय  प्रश्न कुडली विज्ञान का सहारा लिया, उसको साथ में विचार में लेते हुए श्री मोदी की कुंडली पर विचार किया, इसके अलावा भी ज्योतिषीय भविष्यवाणी के लिए बताई गई कई तकनीकियों का सहारा लेते हुए उनके आधार पर मेरी यह भविष्यवाणी है कि वर्तमान ग्रह गोचर में श्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे| 

Tuesday, 22 March 2016

अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन में भारतीय विद्याओं, मन्त्रों, प्रमुखत: वैदिक मंत्रो आदि के परिप्रेक्ष्य में सुख, शांति, समृद्धि बढ़ाने के साथ विश्व एवम् देश के सामने आने वाली चुनोतियों के समाधान पर होगा वाचन - ज्योतिष प्रज्ञाचार्य महावीर कुमार सोनी

श्री श्री 1008 ब्रह्मपीठाधीश्वर संत श्री नारायण दास जी महाराज द्वारा 'अखिल भारतीय ज्योतिष एवम् वास्तु महासम्मेलन' को मंगल आशीर्वाद

जयपुर। इंटरनेशनल सेंटर फॉर ज्योतिष, वास्तु, स्पिरिचुअल एन्ड कल्चरल एक्टिविटीज ट्रस्ट की ओर से जयपुर में दिनाक 7 एवम् 8 मई को होने जा रहे 'अखिल भारतीय ज्योतिष एवम् वास्तु महासम्मेलन" को श्री श्री 1008 ब्रह्मपीठाधीश्वर संत श्री  नारायण दास जी महाराज का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सेमीनार के मुख्य समन्वयक ज्योतिर्विद् महावीर कुमार सोनी एवम् संयोजक आचार्य घनश्याम शर्मा ने इस अवसर पर श्री नारायण दास जी महाराज को बताया गया कि देश में पहली बार ज्योतिष, वास्तु एवम् रेकी के साथ भारतीय विद्याओं, मन्त्रों, प्रमुखत: वैदिक मंत्रो आदि के परिप्रेक्ष्य में सुख, शांति, समृद्धि बढ़ाने के साथ विश्व एवम् देश के सामने आने वाली चुनोतियों के समाधान पर इसमें वाचन होगा, इसके द्वारा इस प्रकार की  प्रमुख समस्याओं के निराकरण का मार्ग खोजने का प्रयास किया जावेगा।
 महाराज जी द्वारा इस सम्बन्ध में अत्यंत हर्ष व्यक्त किया गया, आयोजन के सफल होने का उन्होंने आशीर्वाद प्रदान किया।
सेमीनार की विषय वस्तु को लेकर तैयार किए गए प्रारंभिक पोस्टर के अवलोकन कराते हुए गण मान्य लोगों से चर्चा, परिचर्चा एवम परामर्श लेते हुए सेमीनार कार्यक्रम के प्रारम्भिक पोस्टर के साथ गति दी जा चुकी है।
कार्यक्रम संबंधी प्रारम्भिक पोस्टर के साथ यहाँ प्रस्तुत है प. पू. श्री नारायणदास जी महाराज, महामण्डलेश्वर बालमुकंदाचार्य जी महाराज, प्रख्यात ज्योतिष शास्त्री प्रो. विनोद शास्त्री सहित ज्योतिष एवं वास्तु विद्वानों के साथ कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए की कुछ झलकियाँ। सेमीनार से जुड़ने के लिए  मोबाइल नंबर: 9782560245 एवम् 9414240878 से अधिक जानकारी ली जा सकती है।




















Thursday, 18 February 2016

लघु ज्योतिष एवं वास्तु संगोष्ठी दि. 15.2.16 (द्वारा "इंटरनेशनल सेंटर फॉर ज्योतिष, वास्तु, स्पिरिचुअल एंड कल्चरल एक्टिविटीज") देखें वास्तु टिप्स का उपयोगी वीडियो


संगोष्ठी में ज्योतिर्विद् महावीर कुमार सोनी के ज्योतिषीय उपायों के लेखों को लेकर प्रकाशित "ज्योतिष भारती" अंक का विमोचन भी किया गया
जयपुर। ज्योतिष वास्तु, एवं रेकी जेसी स्प्रिचुअल विद्याओं में शोध एवं अनुसन्धान को गति देने के क्रम में इंटरनेशनल सेंटर फॉर ज्योतिष, वास्तु स्प्रिचुअल एंड कल्चरल एक्टिविटीज ट्रस्ट (रजि.) द्वारा जयपुर में दिनांक 15.2.16 को फिर एक लघु संगोष्ठी का आयोजन किया गया, इसमें ज्योतिषी एवं वास्तुविद के रूप में आचार्य घनश्याम शर्मा, ज्योतिर्विद् महावीर सोनी, श्रीमती गायत्री वर्मा, श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, श्रीमती बबीता राठी, श्रीमती संतोष चतुर्वेदी, डॉ. टीना जैन, श्रीमती संगीता माथुर, दिनेश कुमावत, संकेत राज भारद्वाज आदि द्वारा हिस्सा लिया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता ज्योतिर्विद्, हस्तरेखाविद् एवं वास्तुविद महावीर कुमार सोनी द्वारा की गई, संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि आज की संगोष्ठी का मुख्य विषय धन एवं सुख शांति बढ़ाने के उपायों पर केंद्रित रखा जा रहा है, वास्तु दोष संबंधी किन कारणों से सुख शांति बाधित होती है, कड़ी मेहनत के बाद भी आशा अनुसार धन कम आता है या अपेक्षा अनुसार टिकता नहीं है, इस सम्बन्ध में बिना विशेष तोड़फोड़ या विशेष परिवर्तन के क्या क्या उपाय हैं, पर मुख्य रूप से आज चर्चा - परिचर्चा की जावेगी, सोनी ने कहा कि सभी विद्वानजनों से अनुरोध किया कि वे अपने ज्ञान व योग्यताओं के परिप्रेक्ष्य में अपने अनुभव लिए हुए सटीक उपाय ही यहाँ शेयर करें। सोनी ने आगे बोलते हुए बताया कि संगोष्ठी के अंत से पूर्व, अर्थात आपस में चर्चा परिचर्चा के बाद कोई भी दो वक्ताओं द्वारा आमजन को वास्तु टिप्स बताने हेतु दो वीडियो भी तैयार किए जावेंगे, जो यू- ट्यूब पर अपलोड किए जावेंगे। इसके बाद इस क्रम में सभी उपस्थित ज्योतिर्विदों एवं वास्तुविदों द्वारा ज्योतिष एवं वास्तु विषयों पर पर चर्चा परिचर्चा की गई, विशेष रूप से बिना तोड़फोड़ के वास्तु दोष संबंधी उपचारों पर जानकारियां शेयर की गई। गोष्ठी में नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र गोदिका एडवोकेट एवं गठजोड़ की संपादक श्रीमती सुरेखा सोनी ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर ज्योतिर्विद् महावीर कुमार सोनी के ज्योतिषीय उपायों संबंधी नवीन शोध एवं अनुसंधानों के लेखों को लेकर प्रकाशित "ज्योतिष भारती" अंक का विमोचन भी किया गया। इस अंक में सफलता हेतु अपना नाम कैसे अक्षरों को लेकर लिखा जावे, बालक बालिका के भावी जीवन में सफलता हेतु नामकरण की सही विधि क्या है, ग्रह शांति के उपायों में रत्न धारण में क्या क्या सावधानियां आवश्यक है, सहित विभिन्न लेख हैं। संगोष्ठी के अंत से पूर्व वीडियो जारी करने हेतु वक्ताओं के रूप में प्रख्यात ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद आचार्य घनश्याम शर्मा एवं श्रीमती मीनाक्षी शर्मा को चुना जाकर इनके द्वारा धन एवं सुखशांति बढ़ाने हेतु अपने टिप्स आमजन हेतु बताए गए, जिस पर आधारित वीडियो निम्न लिंक पर जाकर देखे जा सकते हैं -
Part 1
https://www.youtube.com/watch?v=KH-kXi3GZ1Y
Part 2
https://www.youtube.com/watch?v=cj8X7irG42c



Wednesday, 27 January 2016

ज्योतिष एवं वास्तु विषयों पर नि:शुल्क वर्कशॉप

जयपुर। इंटरनेशनल सेंटर फॉर ज्योतिष, वास्तु, स्पिरिचुअल एन्ड कल्चरल एक्टिविटीज ट्रस्ट की ओर से ज्योतिष एवं वास्तु विषयों पर एक लघु वर्कशॉप रविवार, दिनांक 31 जनवरी को प्रात: 10 से सांय 5 बजे तक जयपुर (राजस्थान) में आयोजित होने जा रही है। जो भी  इस वर्कशॉप में आकर इन विषयों पर समाधान चाहते हैं, जानकारी अर्जित करना चाहते हैं, वे मोबाइल पर फोन कर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।
वर्कशॉप पूर्णत: नि:शुल्क आयोजित हो रही है, वर्कशॉप किसान मार्ग, टोंक फाटक पर होगी, वर्कशॉप हेतु स्थान सीमित हैं, जो पूर्व में फोन द्वारा रजिस्ट्रेशन करावेंगे, वो ही इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
डॉ. टीना जैन, कार्यक्रम संयोजक
मो. 07822061620
     09782560245

Wednesday, 9 September 2015

Manglik Dosh in Kundali Hindi

वर या वधू  की जन्म कुंडली में 1,4,7,8 एवं 12 भाव में मंगल हो तो मांगलिक दोष होता है जो एक दूसरे के जीवन के लिए अरिष्ट कारी होता है। इन भावो में शनि होने से भी मंगल जैसा दोष माना जाता है। वर की कुंडली में मांगलिक योग कन्या के लिए और कन्या की कुंडली में मांगलिक योग होने पर वर के लिए अनिष्ट कारक माना  जाता है।  यदि दोनों की कुण्डलियाँ मांगलिक हो तो विवाह में कोई दोष नहीं माना जाता है। इन स्थितियों में मंगल दोष शांत हो जाता है :-
1. मांगलिक दोष से भिन्न दूसरी कुंडली के 1,4,7,8 एवं 12 भाव में शनि हो तो मंगल दोष शांत हो जाता है।
2. बली गुरु या शुक्र लग्न या 7 भाव में हो तो मंगल  दोष नहीं माना जाता है।
3. मेष  राशि का मंगल लग्न  भाव में हो या चौथे भाव में वृश्चिक का मंगल हो या सातवे स्थान में  मकर का मंगल  हो या आठवे स्थान में कर्क का मंगल हो या बारहवें  स्थान में यानि बारहवें  भाव में धनु राशि   का मंगल हो तो मंगल दोष नहीं माना जाता है ।
4. यदि वधु की  कुंडली में जहाँ मंगल हो उसी स्थान यानी भाव में वर की कुंडली में कोई प्रबल पाप ग्रह हो  तो मंगल दोष नहीं रहता है।
5. जन्म कुंडली के दूसरे  भाव में चन्द्र शुक्र हो या मंगल गुरु की युति हो या गुरु पूर्ण दृष्टि  से मंगल को देखता हो या केंद्र भाव में राहु अथवा मंगल राहु की युति हो तो मंगल दोष नही रहता है।

6. जन्म कुंडली के केंद्र त्रिकोण में शुभ-ग्रह एवं कुंडली के 3,6,8,11 वें भाव में पाप-ग्रह हो तो मंगल दोष शांत हो जाता है। 
7. केंद्र में चन्द्र या चन्द्र मंगल की युति हो तो भी मंगल दोष नहीं रहता है। 
8. वक्री, नीच, अस्त अथवा शत्रु राशि स्थित मंगल 1,4,7,8 एवं 12 वें भाव में हो तो मंगल दोष नहीं रहता है।
9. कहीं कहीं ऐसा भी मत है कि वर वधु गुण मिलान में तीस से अधिक गुण मिलते हो, राशि मैत्री हो तो भी मंगल दोष विचार नहीं करना चाहिए। 

 विशेष स्थितियों में चन्द्र कुंडली से भी मंगल योग का विचार करना चहिये।